Rajasthan history Notes राजस्थान का इतिहास

Rajasthan history Notes :-

🟢 परश्न 1 अकबर ने अपनी 1570ई.की नागौर यात्रा के समय जोधपुर दुर्ग किसको सुपुर्द किया था ?
उत्तर – रायसिंह (बीकानेर )
व्याख्या –

  • 1570ई. में आयोजित अकबर की नागौर यात्रा का उदेश्य राजपूताना के शेष बचे राजाओं को अधीनता में लाना तथा राजपूत शक्ति की क्षमता को आंकना था ।
  • नागौर में अकबर एक वर्ष तक रहा एवं यहाँ ‘शुक्र तालाब ‘ का निर्माण करवाया ।
  • इस यात्रा के समय लगाये गये नागौर दरबार में जैसलमेर के हरराय भाटी, बीकानेर के कल्याणमल (अपने बेटे रायसिंह के साथ) तथा मारवाड़ के मोटा राजा उदयसिंह (चन्द्रसेन के बड़े भाई) ने अकबर की अधीनता स्वीकार की ।
  • नागौर दरबार में चन्द्रसेन भी अपने पुत्र के साथ आया लेकिन दरबार की स्थिति को देखकर वहाँ से निकल गया अत: अकबर ने बीकानेर के राजकुमार रायसिंह को जोधपुर का गर्वनर नियुक्त कर उसे चन्द्रसेन के पीछे लगा दिया।
  • अकबर की अधीनता स्वीकार न करने के कारण चन्द्रसेन को लगातार इधर -उधर भागना पड़ा और अतत: 1581ई. में उसकी मृत्यु हो गई ।

परश्न 2 राजस्थान के इतिहास के पिता ‘कर्नल जेम्स टाॅड ‘ ने किस जाट राजा को ‘जाट सिनसिनेटस’ (संकट वीर देशभक्त) नाम से सम्बोधित किया है

Rajasthan history Notes

उत्तर – चूड़ामन
व्याख्या –

  • चूड़ामन राजाराम के चाचा ब्रजराजसिंह के पुत्र थे |
  • चूड़ामन के समय से ही पहली बार जाट शक्ति शब्द सुनने को मिलता है क्योंकि वह बहुत ही कर्मठ व व्यावहारिक व्यक्ति थे।
  • चूड़ामन ने समय की नजाकत को देखते हुए मुगलों एवं सैय्यद भाईयों के साथ सहयोग की नीति अपनाई लेकिन साथ ही अवसर आने पर अपनी शक्ति का भी परिचय दिया।
  • ‘थून’ को अपनी शक्ति का केन्द्र बनाया ।
  • चूड़ामन के बाद उसका पुत्र मोहकमसिंह जाटों का सरदार बना लेकिन चूड़ामन के भतीजे बदनसिंह ने आमेर के सवाई जयसिंह की सहायता से ‘थून’ पर अधिकार कर लिया , तब मोहकमसिंह भाग कर जोधपुर के अजीतसिंह की शरण में चला गया।

परश्न 3 आम्बेर के वह राजा ,जिसने राणा सांगा की ओर से खानवा के युद्ध में भाग लिया और वापस आकर आम्बेर राज्य को 12पुत्रों में विभक्त कर दिया, जो कोटड़िया कहलाते थे ?

उत्तर – पृथ्वीराज
व्याख्या –

  • पृथ्वीराज के गुरु का नाम ‘चतुरनाथ’ था।
  • पृथ्वीराज के समय गलताजी में कृष्णदास पयहरी ने रामानुज सम्प्रदाय पीठ की स्थापना की।
  • आम्बेर राजा पृथ्वीराज मेवाड़ के राणा सांगा के समकालीन थे ।
  • पृथ्वीराज की रानी ‘वालाबाई’ ने आम्बेर में ‘लक्ष्मीनारायण मन्दिर ‘ का निर्माण करवाया।
  • पृथ्वीराज के पुत्र सांगा ने आम्बेर के पास सांगानेर कस्बा बसाया था।

परश्न 4 1657ई. में मुगल -उतराधिकार संघर्ष में मेवाड़ के किस महाराणा से औरंगजेब ने सहायता प्राप्त करने का असफल प्रयास किया?
उत्तर – राजसिंह

व्याख्या –

  • मुगल-उतराधिकार संघर्ष में औरंगजेब व दारा दोनों ने महाराणा राजसिंह से सहायता हेतु पत्र लिखे।
  • महाराणा राजसिंह ने इन पत्रों का उत्तर बड़ी मधुरता से देते हुए सहायता से मना कर दिया, जिससे कालान्तर में उनके औरंगजेब से अच्छे सम्बध बने रहे।
  • औरंगजेब द्वारा 1679ई. में जजिया कर लगाने का महाराणा राजसिंह ने विरोध किया।

परश्न 5 राजपूताना का वह शासक, जिसका जन्म विक्रम संवत् 1597 में व मृत्यु 1597ई. में हुई ?

उत्तर – राणा प्रताप
व्याख्या –

  • नैणसी री ख्यात के अनुसार प्रताप का जन्म विक्रम संवत् 1597 को हुआ था।
  • चावंड में एक धनुष की प्रत्यञ्चा चढाते समय डोरी टूटने से राणा प्रताप घायल हुए और 1597ई. में उनकी मृत्यु हो गई।

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